
PNS Bureau : मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण मज्ही ने आज लोकसभा भवन कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दो दिवसीय जिलाधीश एवं पुलिस अधीक्षक संयुक्त सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि “हम चाहे जिस पद पर हों, हम सभी जनसेवा के लिए समर्पित हैं और अपने हर कार्य के लिए जनता के प्रति जवाबदेह हैं।” उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे जनता के बीच जाएँ, उनकी समस्याएँ धैर्यपूर्वक सुनें और समाधान के लिए ईमानदार प्रयास करें। यही सुशासन की असली बुनियाद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के मंत्र पर चलते हुए अनेक जनकल्याणकारी कार्यक्रम लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना की सफलता उसके सही और समयबद्ध क्रियान्वयन पर निर्भर करती है, इसलिए सभी अधिकारी निष्ठा व जिम्मेदारी के साथ काम करें और विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करें।
राज्य के 30 जिलों में उद्योग स्थापित करने की तैयारी
सीएम ने बताया कि सरकार राज्य के सभी 30 जिलों में उद्योग स्थापना की दिशा में तेजी से काम कर रही है। उन्होंने जिलाधीशों को निर्देश दिया कि नीति और नियमों के दायरे में रहकर उद्यमियों को आवश्यक सहायता प्रदान करें।
उन्होंने सरकार के महत्त्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘मिशन पावर’ का उल्लेख करते हुए कहा कि 2027 तक राज्य के प्रत्येक गांव में सड़क, बिजली और पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। जिलाधीशों को मिशन मोड में काम कर इस लक्ष्य को समयसीमा के भीतर पूरा करने की सलाह दी गई।
प्रगति समीक्षा, अवैध व्यापार पर रोक और जनजातीय समुदाय को सहयोग पर जोर
मुख्यमंत्री ने योजनाओं एवं घोषणाओं की नियमित मॉनिटरिंग, प्रत्येक 3-4 माह में प्रगति समीक्षा,
लघु खनिजों के अवैध खनन पर सख्त रोक,
अवैध शराब कारोबार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई,
आदिवासी बहुल जिलों में वन उपज के संग्रह–विक्रय में जनजातीय समुदाय को कानूनी सहायता प्रदान करने,
तथा धान संग्रहण के दौरान धान की तस्करी रोकने पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
उन्होंने सभी स्तरों पर भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी प्रशासन सुनिश्चित करने तथा जिला–ब्लॉक स्तर पर सभी सरकारी नोटिस, पत्र एवं विज्ञप्तियाँ ओड़िया भाषा में जारी करने को कहा। जनप्रतिनिधियों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार अपनाने पर भी बल दिया।
‘प्रशासन और सरकार की गति एक होनी चाहिए’ — उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिडा
उपमुख्यमंत्री एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती प्रभाती परिडा ने कहा कि यदि सरकार और प्रशासन की गति समानांतर नहीं होगी तो योजनाएँ समाज के अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुँच पाएँगी। उन्होंने अधिकारियों से नियमित ब्लॉक भ्रमण कर जनता की समस्याएँ सुनने और समाधान सुनिश्चित करने की अपील की।
राजस्व विभाग जनता के लिए रीढ़ — मंत्री सुरेश पुजारी
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री सुरेश पुजारी ने कहा कि पिछले 1.5 वर्ष में कई महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजनाएँ सफलतापूर्वक लागू की गई हैं। उन्होंने राजस्व कानूनों में किए गए सुधारों का उल्लेख किया, जिनसे जनता की परेशानियाँ कम हुई हैं।
उन्होंने निर्देश दिया कि—
- राजस्व ग्राम मान्यता से जुड़े प्रस्ताव तुरंत निपटाए जाएँ,
- आदिवासी समुदाय के लिए वनाधिकार पट्टा देने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए,
- भूमि अधिग्रहण के समय विस्थापितों को उचित राहत उपलब्ध कराई जाए,
ताकि जनता को एक People Friendly Administration मिल सके।
“प्रशासन को हर घर तक पहुँचना चाहिए” — मुख्य सचिव
मुख्य सचिव श्री मनोज आहूजा ने कहा कि प्रशासन को तृणमूल स्तर तक पहुँचकर प्रत्येक नागरिक को सम्मानपूर्वक सेवाएँ प्रदान करनी होंगी।
कार्यक्रम में विकास आयुक्त श्रीमती अनु गर्ग ने स्वागत भाषण दिया, जबकि सामान्य प्रशासन एवं जन शिकायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुरेन्द्र कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।(PNS)




